कर्नल राठौड़ ने दिलाई जयपुर को बड़ी सौगात: स्किल सेंटर से विदेशी नौकरियाँ
13 फरवरी 2026 को जयपुर के कौशल भवन में एक ऐतिहासिक बैठक हुई। केंद्रीय कौशल विकास मंत्री जयंत चौधरी और राजस्थान सरकार के बीच — और उस बैठक में कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ राजस्थान के कौशल, रोज़गार और उद्यमिता मंत्री के रूप में उपस्थित थे।
जो मंजूरियाँ उस दिन मिलीं, वे राजस्थान के युवाओं के लिए एक नए दरवाज़े की तरह हैं — विदेश में नौकरी का दरवाज़ा, जो अब तक केवल कुछ लोगों के लिए खुला था। अब यह जयपुर में बैठे हर युवा के लिए खुलेगा।
फैसला हुआ: जयपुर और भरतपुर में Skill India International Centres (SIIC) स्थापित होंगे।
Skill India International Centre क्या होता है?
यह कोई साधारण ट्रेनिंग सेंटर नहीं है। यह एक खास संस्था है जो युवाओं को विदेश में नौकरी के लिए तैयार करती है — जापान, जर्मनी, UAE, कनाडा और UK जैसे देशों के लिए जहाँ भारतीय कुशल कामगारों की भारी माँग है।
इन केंद्रों में मिलेगा:
• अंतरराष्ट्रीय प्रमाणपत्र के साथ कौशल प्रशिक्षण
• विदेशी भाषा की तैयारी — जापानी, जर्मन, अंग्रेजी
• वहाँ की कार्य संस्कृति और नियमों की जानकारी
• सीधे विदेशी नियोक्ताओं से जुड़ाव और प्लेसमेंट सहायता
• विदेश जाने के लिए सरकारी मार्गदर्शन
इसका सीधा मतलब यह है कि अब जयपुर का एक बेटा या बेटी बिना दिल्ली, हैदराबाद या मुंबई गए — सीधे अपने शहर से ही विदेश के लिए तैयारी कर सकते हैं।
💬 राठौड़ का संकल्प
"निखरेगा युवा कौशल, खुलेंगे रोज़गार के द्वार!" — कर्नल राज्यवर्धन राठौड़, कौशल विभाग की बैठक में, जनवरी 2024
NSTI जयपुर अपग्रेड और भरतपुर में नया संस्थान
SIIC के साथ-साथ, कौशल भवन की बैठक में यह भी तय हुआ कि NSTI (महिला), जयपुर और NSTI, जोधपुर का आधुनिकीकरण किया जाएगा — नए उपकरण, उद्योग के अनुसार पाठ्यक्रम, और बेहतर प्लेसमेंट नेटवर्क के साथ।
इसके अलावा, भरतपुर में एक नया National Skill Training Institute खुलेगा — जो पूर्वी राजस्थान के युवाओं को सीधे तकनीकी प्रशिक्षण देगा। राज्यवर्धन राठौड़ की कौशल नीति का यह हिस्सा है कि राजस्थान के हर कोने का युवा इस सुविधा से जुड़े।
नंबर जो बताते हैं — काम हो रहा है
ये आँकड़े फरवरी 2026 की समीक्षा बैठक में सामने आए। 3 लाख से ज़्यादा युवाओं को PMKVY 4.0 के तहत प्रशिक्षण मिला। 1.04 लाख शिक्षु 1,211 संस्थानों में काम कर रहे हैं। ₹24.98 करोड़ Direct Benefit Transfer के रूप में उनके खाते में गए।
राजस्थान के पास भारत का एक सबसे बड़ा ITI नेटवर्क है — 1,537 ITI, जिनमें 182 सरकारी और 1,355 निजी संस्थान। कर्नल राठौड़ का विभाग इन्हें PM-SETU के तहत उद्योग से जोड़कर नौकरी की मशीन बना रहा है।
PM-SETU: ITI से नौकरी तक का सीधा रास्ता
PM-SETU यानी Pradhan Mantri Skilling and Employability Transformation through Upgraded ITIs — एक ऐसी योजना जो पुरानी ITI को आधुनिक training hub में बदलती है।
राजस्थान ने 8 ज़िलों में cluster चुने हैं: भरतपुर, भिवाड़ी, जयपुर, बालोतरा, कोटा, बीकानेर, जोधपुर और बाँसवाड़ा। हर cluster में एक 'hub ITI' होगी जो आसपास की कई ITIs को lead करेगी — automotive, electronics, petrochemicals और handicrafts में।
यानी अब एक बच्चे को जयपुर के किसी भी कोने में रहकर भी — उसके इलाके की industry के हिसाब से training मिल सकती है। जिंदगी बदलने वाला बदलाव।
Rising Rajasthan का नतीजा — नौकरियाँ मिल रही हैं
दिसंबर 2025 में कर्नल राठौड़ ने रोज़गार मेले में कहा: "MoUs worth ₹35 lakh crore signed, projects worth ₹8 lakh crore already underway." और साथ ही बताया — 92,000 सरकारी नौकरियाँ दी गईं, 2.5 लाख+ प्राइवेट नौकरियाँ बनाई गईं।
यह है असल राजनीति। वादा करना नहीं — काम करके दिखाना। और इसीलिए राजस्थान के युवा आज कर्नल राठौड़ पर भरोसा करते हैं।
जयपुर के युवाओं के लिए अगला कदम क्या है?
SIIC खुलने के बाद, जयपुर के युवाओं को करना होगा: विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर नज़र रखना — admission dates, eligible courses, और placement drives की जानकारी वहाँ मिलेगी। News Updates section पर भी हर नई घोषणा तुरंत आती है।
अगर आप कौशल प्रशिक्षण, ITI नामांकन, या PMKVY की जानकारी चाहते हैं — तो कर्नल राठौड़ के कार्यालय से सीधे संपर्क करें। और राजस्थान की पूरी development journey जानने के लिए देखें rajyavardhanrathore.in।
क्योंकि जब एक ओलंपियन मंत्री बनता है — और वो उद्योग, खेल, IT और कौशल — चारों पोर्टफोलियो एक साथ चलाता है — तो नतीजे भी चैंपियन जैसे आते हैं।
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