कोचों को 25 बीघा जमीन गिफ्ट! खेल मंत्री का द्रोणाचार्य अवॉर्ड सरप्राइज
भारत में जब कोई खिलाड़ी ओलंपिक में मेडल जीतता है, तो सब उसका नाम जानते हैं। सब उसकी तस्वीर देखते हैं। पर उसके पीछे खड़ा कोच — जिसने सालों की मेहनत, रात-दिन की ट्रेनिंग, और अनगिनत बलिदान दिए — वो अक्सर परदे के पीछे ही रह जाता है।
लेकिन राजस्थान के खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ यह बदलना चाहते हैं। और उन्होंने Khelo India University Games 2025 के उद्घाटन में एक ऐसा ऐलान किया जो भारत के हर खेल कोच की ज़िंदगी बदल सकता है।
घोषणा: द्रोणाचार्य विजेता कोचों को मिलेगी जमीन
जैसा कि Mangalorean.com ने KIUG 2025 की रिपोर्टिंग में बताया, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने घोषणा की: "राजस्थान सरकार द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता कोचों को जमीन का आवंटन करेगी — ठीक वैसे ही जैसे अर्जुन पुरस्कार विजेता खिलाड़ियों को मिलती है।"
यह बड़ी बात है। बहुत बड़ी बात।
अब तक सिर्फ खिलाड़ियों को — जो मैदान में उतरते हैं — सरकारी सम्मान और ज़मीन मिलती थी। पहली बार, उनके कोचों को — जो उन्हें वहाँ तक पहुँचाते हैं — भी वही सम्मान मिलेगा।
इस घोषणा को खेल मंत्री कर्नल राठौड़ ने अपनी खेल नीति के हिस्से के रूप में समर्थन दिया और KIUG मंच से youth को संबोधित किया।
द्रोणाचार्य पुरस्कार क्या है — और यह इतना खास क्यों है?
ज़्यादातर लोग द्रोणाचार्य पुरस्कार (Dronacharya Award) का नाम सुनते हैं लेकिन पूरी तरह नहीं जानते। यहाँ सरल भाषा में:
यह भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला सर्वोच्च कोचिंग सम्मान है
यह उन coaches को मिलता है जिन्होंने खिलाड़ियों को International स्तर पर champion बनाया
Regular Category में ₹10 लाख और Lifetime Category में ₹15 लाख cash prize मिलती है
2024 के विजेताओं में Deepali Deshpande (Shooting) और Armando Colaco (Football) शामिल हैं
राजस्थान के Mahavir Prasad Saini (Suratgarh) जैसे Para-Athletics कोच — जिन्होंने Sundar Singh Gurjar और Rakesh Bhera जैसे champions बनाए — वो राजस्थान की इस घोषणा के सीधे लाभार्थी हो सकते हैं।
25 बीघा जमीन — एक कोच की ज़िंदगी बदलने वाली
25 बीघा जमीन — राजस्थान में। यह छोटी बात नहीं है।
एक कोच जो 20-25 साल तक किसी अखाड़े में, किसी शूटिंग रेंज में, किसी athletics track पर — बिना fame के, बिना बड़ी salary के — अपने खिलाड़ियों को तराशता रहा। उसे यह जमीन एक राज्य का शुक्रिया है। एक message है: "हम जानते हैं कि आपने क्या किया। और हम उसकी कद्र करते हैं।"
यह ठीक वही philosophy है जो कर्नल राठौड़ की Wikipedia profile में दिखती है — एक ऐसे व्यक्ति की, जो खुद एक ओलंपियन है और जानता है कि champion बनने के पीछे एक कोच का अनदेखा sacrifice होता है।
💬 कर्नल राठौड़ — KIUG 2025 में
"PM Modi की leadership में 2014 से भारतीय खेलों में transformative changes आए हैं। Khelo India University Games राजस्थान में युवाओं को discipline और determination से नए मुकाम हासिल करने में मदद करेंगे।" — Mangalorean.com, November 2025
Khelo India University Games — वो मंच जहाँ यह ऐलान हुआ
यह घोषणा Khelo India University Games 2025 के उद्घाटन पर हुई — एक ऐसा आयोजन जो राजस्थान के 7 शहरों में, 200+ universities से 7,000+ athletes के साथ हुआ। 24 खेलों में, 12 दिनों तक।
खेल मंत्री के रूप में, कर्नल राठौड़ ने Jaipur MahaKhel भी organize किया है — जहाँ 362 gram panchayats से 6,500+ खिलाड़ी शामिल हुए और ₹22 लाख+ prize pool था। KIUG इसी बड़ी sports vision का national extension है।
और यह सब Maharana Pratap Sports University के साथ मिलकर — जिसका Bill Rajasthan Assembly में pass हुआ — एक ऐसा sports ecosystem बना रहा है जहाँ coach हो या athlete, हर किसी को उसकी मेहनत का reward मिलेगा।
राजस्थान के कोचों के लिए अगला कदम
अगर आप या आपके परिवार में कोई sports coach है जो द्रोणाचार्य पुरस्कार के योग्य हो सकते हैं — तो इस घोषणा पर नज़र रखें। राज्य सरकार जल्द ही जमीन आवंटन की प्रक्रिया की details announce करेगी।
सभी updates के लिए follow करें: युवा कार्य एवं खेल विभाग, News & Updates, और rajyavardhanrathore.in।
क्योंकि जब एक ओलंपियन खेल मंत्री बनता है — और वो कहता है "coach भी उतना ही important है जितना athlete" — तो यह सिर्फ एक speech नहीं है। यह policy है। यह ज़मीन है। यह बदलाव है।
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